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Sat, Dec 21, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट जगदलपुर
कमिश्नर कार्यालय सहित जनसम्पर्क कार्यालय में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत अधिकारियों-कर्मचारियों ने की साफ-सफाई जगदलपुर, 21 दिसम्बर 2024/ स्वच्छता अभियान के अंतर्गत शनिवार को कमिश्नर कार्यालय बस्तर संभाग जगदलपुर सहित संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय गीदम रोड जगदलपुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय और अन्य कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों ने कार्यालय तथा कार्यालय परिसर की साफ-सफाई में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस मौके पर सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने सफाई अभियान में व्यापक सहभागिता निभाई। ज्ञात हो कि कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर संभाग के अंतर्गत सभी कार्यालयों और शासकीय संस्थाओं में हर महीने के तीसरे शनिवार को सभी कार्यालय, शासकीय संस्था और कार्यालय एवं संस्था परिसर की साफ-सफाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में सभी अधिकारी-कर्मचारी स्वेच्छापूर्वक अपने कार्यालय एवं संस्थाओं की स्वच्छता के लिए मिलकर पहल कर रहे हैं।विज्ञापन एवम समाचार के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर62640460849424287547
: निक्ष्य निरामया अभियान: बस्तर जिले में टीबी, मलेरिया और कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता अभियान*
Sat, Dec 21, 2024
तेन सिंह ठाकुर रिपोर्ट जगदलपुर
निक्ष्य निरामया अभियान: बस्तर जिले में टीबी, मलेरिया और कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता अभियान बस्तर, 20 दिसंबर 2024: निक्ष्य निरामया अभियान के तहत आज बस्तर जिले के तोकापाल ब्लॉक के तेलीमारेंगा पारा सोरी भाटा गांव में टीबी, मलेरिया और कुष्ठ रोग के बारे में समुदाय के लोगों को जागरूक किया गया। इस अभियान में एएनएम झुनकी कोर्राम, शिक्षक, पीआरआई सदस्य, स्व सहायता समूह की महिलाएं और पिरामल स्वास्थ्य टीम ने भाग लिया। इस अभियान का उद्देश्य समुदाय के लोगों को टीबी, मलेरिया और कुष्ठ रोग के बारे में जागरूक करना और उन्हें इन रोगों के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में जानकारी प्रदान करना था। अभियान के दौरान, उपस्थित लोगों को इन रोगों के बारे में विस्तार से बताया गया और उन्हें इन रोगों से बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। पिरामल स्वास्थ्य टीम के सदस्यों ने बताया कि टीबी, मलेरिया और कुष्ठ रोग समुदाय के लोगों के लिए एक बड़ा स्वास्थ्य खतरा है और इन रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे अभियान आयोजित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पिरामल स्वास्थ्य टीम समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है और ऐसे अभियान आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अभियान में उपस्थित लोगों ने बताया कि उन्हें टीबी, मलेरिया और कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी मिली और वे अब इन रोगों से बचाव के तरीकों के बारे में जानते हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने परिवार और समुदाय के लोगों को भी इन रोगों के बारे में जागरूक करेंगे
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तेन सिंह ठाकुर
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: प्रकृति परीक्षण कराकर स्वास्थ्य एवं समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दें - बिपिन मांझी
Fri, Dec 20, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
नारायणपुर
प्रकृति परीक्षण कराकर स्वास्थ्य एवं समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दें - बिपिन मांझी
नारायणपुर, 20 दिसम्बर 2024// प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को नवमें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देशव्यापी देश का प्रकृति प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया था। इस अभियान के अंतर्गत मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा आयुर्वेद चिकित्सक आयुर्वेदिक सिद्धांत अनुसार प्रकृति वात, पित्त, कफ का परीक्षण करेंगे। यह अभियान संविधान दिवस 26 नवंबर 2024 से आरंभ होकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती 25 दिसंबर 2024 तक संपन्न होना है।
इसी तारतम्य में आज कलेक्टर बिपिन मांझी का प्रकृति परीक्षण, अभियान के जिला समन्वयक डॉ लालचंद साहू एवं जिला सह समन्वयक डॉ बीना खोबरागड़े द्वारा प्रकृति परीक्षण किया गया। कलेक्टर श्री बिपिन माझी ने कहा कि प्रकृति परीक्षण अभियान से सभी जुड़कर अपनी प्रकृति जाने और सही जीवन शैली अपना कर स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने नगर वासियों से अपील की कि प्रधानमंत्री के इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा जरूर बने। इससे नागरिकों को स्वयं का डिजिटल प्रकृति कार्ड प्राप्त होगा।
शरीर में वात, पित्त, कफ की पहचान के लिए आयुष मंत्रालय ने प्रकृति परीक्षण एप तैयार किया है। इस एप की मदद से लोगों से स्वास्थ्य की जानकारी मांगी जाती है और फिर उन्हें उनकी प्रकृति बताई जाती है। 26 नवंबर से शुरू इस प्रकृति परीक्षण अभियान के तहत राज्य के 15 लाख नागरिकों के आयुर्वेदिय सिद्धांत अनुसार प्रकृति वात, पित्त व कफ का परीक्षण मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा किया जाएगा। क्योंकि इन तीनों प्रकृतियों की अधिकता या कमी के कारण शरीर में बीमारी आती है। प्रकृति की जानकारी होने पर व्यक्ति अपने खान-पान और दिनचर्या में सुधार कर लें, तो उन्हें अस्पताल तक पहुंचने की नौबत ही नहीं आएगी। प्रकृति परीक्षण एप को किसी भी एंड्रायड फोन पर डाउनलोड किया जा सकता है और आयुर्वेद चिकित्सक द्वारा अपना प्रकृति परीक्षण कराया जा सकता है।विज्ञापन एवम समाचार के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर62640460849424287547