Wed 28 Oct 2026

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युधिष्ठिर देवांगन प्रांतीय हेड : चालिस साल बाद पर्यटकों के लिए खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व, 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी

चालिस साल बाद पर्यटकों के लिए खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व, 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी

बीजापुर के जंगलों में फिर गूंजेगी पर्यटन की हलचल, शांति बहाली के बाद वन विभाग ने शुरू की तैयारियां; स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते।बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व से पर्यटन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। करीब 40 साल के लंबे इंतजार के बाद यह टाइगर रिजर्व 1 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए फिर से खोले जाने की तैयारी है। इससे बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों और घने जंगलों को करीब से देखने के इच्छुक पर्यटकों को नया अवसर मिलने की उम्मीद है।शांति बहाली के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी।लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के कारण प्रभावित रहे इस क्षेत्र में शांति बहाली के बाद पर्यटन की संभावनाओं को फिर से विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नए सफारी रूट तैयार करने में जुटा है। इन तैयारियों का उद्देश्य पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से जंगल सफारी का अनुभव उपलब्ध कराना है।स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर।इंद्रावती टाइगर रिजर्व के दोबारा खुलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सफारी संचालन, स्थानीय गाइड, वाहन सेवा और पर्यटकों से जुड़ी अन्य सुविधाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।बस्तर के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान।इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। यहां पर्यटन की शुरुआत होने से बस्तर को प्राकृतिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है।हालांकि, सफारी शुरू होने की अंतिम तारीख, बुकिंग प्रक्रिया, निर्धारित रूट और पर्यटकों के लिए जारी होने वाले दिशा-निर्देशों की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग की ओर से होना बाकी है। पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

युधिष्ठिर देवांगन प्रांतीय हेड

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