: परख=प्रदर्शन मूल्यांकन समीक्षा एवम समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण
Sun, Dec 1, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
राज् परियोजना कार्यलय समग्र शिक्षा के मुताबिक देश के विभिन्न राज्यों के 782 जिले में कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी पढ़ने वाले 88 हजार स्कूल के 23 लाख बच्चों का राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया जाएगा। हिन्दी- अंग्रेजी के अलावा 22 क्षेत्रीय भाषाओं में प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में तीसरी कक्षा के लिए 1202, कक्षा छठवीं 1069 और नवमी के लिए 1149 कुल 3420 विद्यालय का चयन किया गया है। यहाँ के बच्चे हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की परीक्षा देंगे। कक्षा तीसरी के लिए कुल 45 वस्तुनिष्ठ प्रश्न भाषा, गणित व पर्यावरण के होंगे। तीनों विषय से 15- 15 प्रश्न रहेगा, जिसे डेढ़ घंटे में हल करना होगा। छठवीं कक्षा के टेस्ट में आंशिक बदलाव है। इसमें भाषा से 15 और गणित तथा हमारे आसपास की दुनिया से 18- 18 प्रश्न पूछे जाऐंगे। कुल 51 प्रश्नों को 90 मिनट में हल करना होगा। इधर नवमी कक्षा के बच्चों को दो घंटे में भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के कुल 60 प्रश्नों को हल करना
पड़ेगा।
बीएड
प्रशिक्षित पेशे से सरकारी स्कूल के शिक्षक थलेश ठाकुर ने बताया कि नवम्बर 2021 में एनएएस ( नेशनल एचिवमेंट सर्विस) यानि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे किया गया था। 4 दिसम्बर को होने वाली राष्ट्रीय सर्वेक्षण भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस बार सर्वे को परख का नाम दिया गया है। परख का फूल फार्म परफॉरमेंस असेसमेंट रिव्यू एंड एनालिसिस आफ नालेज फार होलीस्टिक डेव्हलपमेट है। हिंदी में इसका मतलब प्रदर्शन मूल्यांकन समीक्षा एवं समग्र विकास के लिए ज्ञान का विशलेषण होता है। परख में पूछे जाने वाले प्रश्न उच्च स्तरीय सोच व कौशल पर आधारित होंगे। पहले यह परीक्षा ग्रेड स्पेसिफिक होती थी, अब इसमें बदलाव कर स्टेज स्पेसिफिक किया गया है। एफएलएन आधारित गतिविधिय, नवाजतन, अंगना म शिक्षा और निपुण बीजापुर जैसे शैक्षणिक नवाचारों को लागू कर बीते 2 सालों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसलिए इस बार के सर्वेक्षण में बीजापुर जिले का रेंकिग अच्छा रहने की शिक्षकों को पूरी उम्मीद है।
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: राष्ट्रीय स्तर पर परखा जायेगा बौद्धिक एवम तार्किक क्षमता
Sun, Dec 1, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
अखिल भारतीय स्तर पर एक साथ होने वाली परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में 4 दिसम्बर को स्कूली बच्चों की बौद्धिक व तार्किक क्षमता को परखा जाएगा। इसकी पूर्व तैयारी हेतु इंद्रावती नदी पार भैरमगढ़ ब्लॉक के कोशलनार संकुल में तीन दौर का माक टेस्ट लिया गया। प्राथमिक शाला सरपंच पारा कोशलनार में 18, 25 और 29 नवम्बर को ओएमआर शीट भरने, समयावधि में प्रश्न पेपर हल करने व अन्य महत्वपूर्ण बातें बताई गई। माक टेस्ट के दौरान संकुल प्राचार्य ने स्कूलों का अवलोकन कर आन लाईन रिकार्ड अद्यतन किया। नियमानुसार 3 री, 6 वीं और नवमी में पढ़ने वाले बच्चे टेस्ट में शामिल हुए । इससे बच्चों को नया ज्ञान और अनुभव हासिल करने का मौका मिला। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण का पैटर्न स्कूलों में आयोजित की जाने वाली परीक्षा से भिन्न है।। परख में बहुविकल्पीय प्रश्न पेपर के साथ ओएमआर शीट दी जाएगी। इसमें सही विकल्प वाले गोले को अच्छी तरह से भरकर उत्तर देने का नियम है। इसी तरह परीक्षार्थी की वयक्तिगत डिटेल भी भरे जाऐंगे। अमूमन सरकारी नौकरी या फिर व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु रिक्रूटमेंट बोर्ड की ओर से इस तरह के पैटर्न में परीक्षा कराए जाते हैं। इसलिए राष्ट्रीय सर्वेक्षण के नए पैटर्न की परीक्षा में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखकर बच्चों से पूर्व तैयारी कराई गई। सभी स्कूलों में तीसरी, छठवीं और नवमी पढ़ने वाले बच्चों का माक टेस्ट हुआ। लेकिन मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका कुछ चुनिंदा स्कूल के प्रतिभागियों को ही मिलेगा। ऐसा एनसीईआरटी का गाईड लाईन है। इसका पालन करना सभी राज्यों के लिए अनिवार्य है। इसके तहत बीजापुर जिले के लिए 84 स्कूलों का रेंडमली सलेक्शन किया गया है। इसमें केन्द्र व राज्य सरकार के शैक्षणिक संस्थान के साथ अनुदान तथा गैर अनुदान प्राप्त निजी विद्यालय भी समाहित हैं। कक्षा नवमी में पढ़ने वाले 18 शासकीय और 3 निजी विद्यालय के बच्चों के प्रदर्शन पर सब कुछ निर्भर है। कक्षा छठवीं में पढ़ने वाले 14 सरकारी और 13 निजी विद्यालय के बच्चों की उत्कृष्टता पर भी जिले की उम्मीद टिकी है। इसी तरह 17 सरकारी और 19 निजी विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा तीसरी के नौ- निहाल अपने तार्किक शक्ति और बुद्धिमता से बीजापुर जिले का रेंकिग सुधारने में अमुल्य योगदान देंगे, ऐसा शिक्षकों का मानना है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण परख के लिए चयनित केन्द्रों में एनसीईआरटी के नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी पर्यवेक्षकों की होगी। इस हेतु 30 नवम्बर को चयनित स्कूलों के प्राचार्य और प्रधान पाठकों को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए हैं। वही परीक्षा में लापरवाही या फिर गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई हैप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547
: प्राथमिक शाला दुगाबेंग में किया गया लाइब्रेरी का शुभारंभ नारायणपुर
Sat, Nov 30, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
ग्राम पंचायत दुग्गाबेंगाल के प्राइमरी स्कूल में पंचायत ,शिक्षा विभाग शाला प्रबंध समिति और पिरामल फाउंडेशन के आपसी सहयोग से कम लागत में बच्चों के लिए शाला परिसर के कमरे में पुस्तकालय कक्ष का निर्माण किया गया। पुस्तकालय में स्कूल के बच्चों ने मिलकर अपनी कला और पिरामल फाउंडेशन टीम के मार्गदर्शन में बेहतर तरीके से अपने अध्ययन के योग्य बनाया इस कार्य में बच्चों ने काफी उत्साह पूर्वक भाग लिया। शाला में पुस्तकालय कक्ष बनाने का उद्देश्य बच्चों की अध्ययन और कला को रोचक बनाना है जिससे बच्चें अपने शिक्षण कार्य को मजेदार तरीके से पूर्ण कर पाए। साथ ही शाला में बाल संसद का गठन कर शाला में बच्चों को प्रधानमंत्री, वित मंत्री, स्वच्छता मंत्री, शिक्षा मंत्री आदि का दायित्व दिया गया। जिससे बच्चे इन दायित्वो का निर्वहन करते हुए देश की शासन व्यस्था को समझ पाएं और अपने शाला में अनुशासन बनाएं रखें। पुस्तकालय के उदघाटन के अवसर पर सरपंच रैनी दुग्गा, जनपद सदस्य बुधराम वड्डे, पंच संतनाथ उसेंडी, सुरेखा उसेंडी,पिरामल फाउंडेशन टीम से सोनल लाल, भुजबल सूर्यवंशी, पूजा पांडे, अंगद सिंह, सन्नी ठाकुर, स्कूल के समस्त शिक्षकगण, शाला प्रबंध समिति, और पालकगण और ग्रामवासी उपस्थित रहे।सामाचार और विज्ञापन के लिए सम्पर्क करेंप्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर9424287547सभी जिलों में ब्यूरो चीफ और सवांदाता की नियुक्ति करनी हैसम्पर्क करें