: राष्ट्रीय स्तर पर परखा जायेगा बौद्धिक एवम तार्किक क्षमता
Ten Singh Thakur
Sun, Dec 1, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
अखिल भारतीय स्तर पर एक साथ होने वाली परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में 4 दिसम्बर को स्कूली बच्चों की बौद्धिक व तार्किक क्षमता को परखा जाएगा। इसकी पूर्व तैयारी हेतु इंद्रावती नदी पार भैरमगढ़ ब्लॉक के कोशलनार संकुल में तीन दौर का माक टेस्ट लिया गया। प्राथमिक शाला सरपंच पारा कोशलनार में 18, 25 और 29 नवम्बर को ओएमआर शीट भरने, समयावधि में प्रश्न पेपर हल करने व अन्य महत्वपूर्ण बातें बताई गई। माक टेस्ट के दौरान संकुल प्राचार्य ने स्कूलों का अवलोकन कर आन लाईन रिकार्ड अद्यतन किया। नियमानुसार 3 री, 6 वीं और नवमी में पढ़ने वाले बच्चे टेस्ट में शामिल हुए । इससे बच्चों को नया ज्ञान और अनुभव हासिल करने का मौका मिला। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण का पैटर्न स्कूलों में आयोजित की जाने वाली परीक्षा से भिन्न है।। परख में बहुविकल्पीय प्रश्न पेपर के साथ ओएमआर शीट दी जाएगी। इसमें सही विकल्प वाले गोले को अच्छी तरह से भरकर उत्तर देने का नियम है। इसी तरह परीक्षार्थी की वयक्तिगत डिटेल भी भरे जाऐंगे। अमूमन सरकारी नौकरी या फिर व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु रिक्रूटमेंट बोर्ड की ओर से इस तरह के पैटर्न में परीक्षा कराए जाते हैं। इसलिए राष्ट्रीय सर्वेक्षण के नए पैटर्न की परीक्षा में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखकर बच्चों से पूर्व तैयारी कराई गई। सभी स्कूलों में तीसरी, छठवीं और नवमी पढ़ने वाले बच्चों का माक टेस्ट हुआ। लेकिन मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका कुछ चुनिंदा स्कूल के प्रतिभागियों को ही मिलेगा। ऐसा एनसीईआरटी का गाईड लाईन है। इसका पालन करना सभी राज्यों के लिए अनिवार्य है। इसके तहत बीजापुर जिले के लिए 84 स्कूलों का रेंडमली सलेक्शन किया गया है। इसमें केन्द्र व राज्य सरकार के शैक्षणिक संस्थान के साथ अनुदान तथा गैर अनुदान प्राप्त निजी विद्यालय भी समाहित हैं। कक्षा नवमी में पढ़ने वाले 18 शासकीय और 3 निजी विद्यालय के बच्चों के प्रदर्शन पर सब कुछ निर्भर है। कक्षा छठवीं में पढ़ने वाले 14 सरकारी और 13 निजी विद्यालय के बच्चों की उत्कृष्टता पर भी जिले की उम्मीद टिकी है। इसी तरह 17 सरकारी और 19 निजी विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा तीसरी के नौ- निहाल अपने तार्किक शक्ति और बुद्धिमता से बीजापुर जिले का रेंकिग सुधारने में अमुल्य योगदान देंगे, ऐसा शिक्षकों का मानना है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण परख के लिए चयनित केन्द्रों में एनसीईआरटी के नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी पर्यवेक्षकों की होगी। इस हेतु 30 नवम्बर को चयनित स्कूलों के प्राचार्य और प्रधान पाठकों को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए हैं। वही परीक्षा में लापरवाही या फिर गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई है
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
9424287547
अखिल भारतीय स्तर पर एक साथ होने वाली परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में 4 दिसम्बर को स्कूली बच्चों की बौद्धिक व तार्किक क्षमता को परखा जाएगा। इसकी पूर्व तैयारी हेतु इंद्रावती नदी पार भैरमगढ़ ब्लॉक के कोशलनार संकुल में तीन दौर का माक टेस्ट लिया गया। प्राथमिक शाला सरपंच पारा कोशलनार में 18, 25 और 29 नवम्बर को ओएमआर शीट भरने, समयावधि में प्रश्न पेपर हल करने व अन्य महत्वपूर्ण बातें बताई गई। माक टेस्ट के दौरान संकुल प्राचार्य ने स्कूलों का अवलोकन कर आन लाईन रिकार्ड अद्यतन किया। नियमानुसार 3 री, 6 वीं और नवमी में पढ़ने वाले बच्चे टेस्ट में शामिल हुए । इससे बच्चों को नया ज्ञान और अनुभव हासिल करने का मौका मिला। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण का पैटर्न स्कूलों में आयोजित की जाने वाली परीक्षा से भिन्न है।। परख में बहुविकल्पीय प्रश्न पेपर के साथ ओएमआर शीट दी जाएगी। इसमें सही विकल्प वाले गोले को अच्छी तरह से भरकर उत्तर देने का नियम है। इसी तरह परीक्षार्थी की वयक्तिगत डिटेल भी भरे जाऐंगे। अमूमन सरकारी नौकरी या फिर व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु रिक्रूटमेंट बोर्ड की ओर से इस तरह के पैटर्न में परीक्षा कराए जाते हैं। इसलिए राष्ट्रीय सर्वेक्षण के नए पैटर्न की परीक्षा में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखकर बच्चों से पूर्व तैयारी कराई गई। सभी स्कूलों में तीसरी, छठवीं और नवमी पढ़ने वाले बच्चों का माक टेस्ट हुआ। लेकिन मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका कुछ चुनिंदा स्कूल के प्रतिभागियों को ही मिलेगा। ऐसा एनसीईआरटी का गाईड लाईन है। इसका पालन करना सभी राज्यों के लिए अनिवार्य है। इसके तहत बीजापुर जिले के लिए 84 स्कूलों का रेंडमली सलेक्शन किया गया है। इसमें केन्द्र व राज्य सरकार के शैक्षणिक संस्थान के साथ अनुदान तथा गैर अनुदान प्राप्त निजी विद्यालय भी समाहित हैं। कक्षा नवमी में पढ़ने वाले 18 शासकीय और 3 निजी विद्यालय के बच्चों के प्रदर्शन पर सब कुछ निर्भर है। कक्षा छठवीं में पढ़ने वाले 14 सरकारी और 13 निजी विद्यालय के बच्चों की उत्कृष्टता पर भी जिले की उम्मीद टिकी है। इसी तरह 17 सरकारी और 19 निजी विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा तीसरी के नौ- निहाल अपने तार्किक शक्ति और बुद्धिमता से बीजापुर जिले का रेंकिग सुधारने में अमुल्य योगदान देंगे, ऐसा शिक्षकों का मानना है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण परख के लिए चयनित केन्द्रों में एनसीईआरटी के नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी पर्यवेक्षकों की होगी। इस हेतु 30 नवम्बर को चयनित स्कूलों के प्राचार्य और प्रधान पाठकों को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए हैं। वही परीक्षा में लापरवाही या फिर गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई है
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
9424287547
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन