Tue 04 Aug 2026

ब्रेकिंग

आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण का जन्म दिवस"जड़ी- बूटी दिवस" के रूप में मनाया गया।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना बनी श्रमिक परिवारों के सपनों की उड़ान,बीजापुर के मेधावी बच्चों का उच्च विद्यालयों में चयन

आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, अंतागढ़ में कांकेर पुलिस की यातायात जागरूकता क्लास

कन्या आश्रम शाला बिंजली जिला नारायणपुर में बच्चों को विधिक जानकारी दी गई

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के द्वारा सखी वन स्टाॅप सेंटर कोण्डागांव का किया गया निरीक्षण*

: गुरुवार को भीतर रैनी रस्म में विजय रथ की हुई परिक्रमा

तेन सिंह ठाकुर   गुरुवार को भीतर रैनी रस्म में विजय रथ की हुई परिक्रमा   जगदलपुर, 2 अक्टूबर विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व के प्रमुख अनुष्ठानों में से एक भीतर रैनी की रस्म गुरुवार को पूरी हुई। इस दौरान भव्य आठ चक्कों वाले विजय रथ की परिक्रमा हुई, जिसे खींचने के लिए कोड़ेनार और किलेपाल क्षेत्र के दूर-दराज के गाँवों से बड़ी संख्या में आदिवासी जन जुटे और बारिश के बावजूद रथ को बड़े उत्साह के साथ खींचा। गुरुवार को बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण दिन भीतर रैनी की रस्म निभाई गई, पिछले वर्ष तैयार आठ चक्कों वाले विशाल विजय रथ को सुसज्जित कर विधि विधान के साथ पूजा अनुष्ठान के पश्चात संचालन किया गया। मां दंतेश्वरी के छत्र को रथारूढ़ करने के बाद पुलिस जवानों द्वारा हर्ष फायर कर सलामी दी गई। इसके बाद रथ को खींचा गया। इस विशाल रथ को मावली मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, गोल बाजार चौक, गुरु नानक चौक होते हुए दंतेश्वरी मंदिर तक परिक्रमा कराई गई। इस विशाल आठ चक्के के विजय रथ में जहां दंतेश्वरी मां की डोली और छत्र विराजमान थी, वहीं इसके सामने सुसज्जित वाहन में दंतेवाड़ा से आई मावली मां की डोली और छत्र विराजमान थी। रथ के सामने बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से दशहरा में पहुंचे देवी-देवताओं के छत्र, डोली, और लाठ लिए पुजारी, सेवक चल रहे थे वहीं आंगादेव पूरे मार्ग पर दौड़ते हुए मार्ग के अवरोध हटाने में जुटे नजर आए। इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्रामीणों के साथ ही नागरिकगण भी जुटे रहे। लगातार हो रही बारिश के बीच भी बस्तर दशहरे का आकर्षण एवं वैभव नजर आया। प्रधान संपादक तेन सिंह ठाकुर 9424287547

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन