Thu 06 Aug 2026

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अर्जुन देवांगन क़ि रिपोर्ट : माता मावली मेले में शिक्षा विभाग ने बनाया प्याऊ घर

माता मावली मेले में शिक्षा विभाग ने बनाया प्याऊ घर

नारायणपुर_ छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में आयोजित विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक माता मावली मेले में शिक्षा विभाग ने इस वर्ष मेले में सुदूर अंचल के क्षेत्रों से आये हुए ग्रामीण लोगों की सुविधा के लिए एक सराहनीय पहल की है। विभाग ने मेले के परिसर में एक विशेष प्याऊ घर (पानी का स्टॉल) लगाया, जहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, सैलानियों और स्थानीय निवासियों को ठंडा-ठंडा पीने का स्वच्छ पानी मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पांच दिवसीय मेला (जो आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं और आस्था का अनुपम संगम है) में गर्मी और भीड़भाड़ के बीच पेयजल की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती होती है। शिक्षा विभाग के इस स्टॉल ने न केवल श्रद्धालुओं की प्यास बुझाई, बल्कि विभाग की सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना को भी रेखांकित किया। स्टॉल पर स्वच्छ, ठंडा और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने का कार्य किया। विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक कुमार पटेल ने बताया कि, माननीय मुख्यमंत्री महोदय, विधायक महोदय, सांसद महोदय, और स्थानीय जनप्रतिनिधि जनों की तस्वीर के साथ इस पुनीत कार्य को क्रियान्वित किया गया। जिसमें कार्यालय और कुछ स्कूलों के कर्मचारियों का सहयोग लिया गया।

मेले में प्रति वर्ष विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए जाते हैं, जहां अपने योजनाओं की जानकारी दी जाती है, लेकिन शिक्षा विभाग का यह प्याऊ स्टॉल विशेष रूप से चर्चा में है। श्रद्धालु इसे "शिक्षा विभाग की ममतामयी सेवा" बता रहे हैं। एक श्रद्धालु ने कहा, "दोपहर को भीषण गर्मी में माता मावली के दर्शन एवं घूमने के बाद ठंडा पानी मिलना बड़ा सुखद अनुभव है। विभाग ने अच्छा काम किया।"

माता मावली मेला छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और जिले के अबूझमाड़ की समृद्ध आदिवासी विरासत, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यहां दूर-दूर से लाखों लोग आते हैं। ऐसे में पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता रहती है। शिक्षा विभाग की इस पहल ने मेले की गरिमा बढ़ाने के साथ-साथ "शिक्षा सबके लिए" के संदेश को भी मजबूत करती है।

बस्तर संभाग हेड

अर्जुन देवांगन

9424287527

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