रेत माफीयाओं का आतंक तीन लोगों को जलाया जिंदा। : रेत माफिया की खौफनाक साजिश, फॉर्च्यूनर को घेरकर क्षत्रिय परिवार के लोगों को जिंदा जलाया!
Ten Singh Thakur
Mon, Jun 22, 2026
रेत माफीयाओं का आतंक तीन लोगों को जलाया जिंदा।
रेत माफिया की खौफनाक साजिश, फॉर्च्यूनर को घेरकर क्षत्रिय परिवार के लोगों को जिंदा जलाया!
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत (नौगई गांव) से रूह कँपा देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ रेत खनन और परिवहन के वर्चस्व की रंजिश में एक सोची-समझी साजिश के तहत खूनी खेल खेला गया।
कहाँ और कैसे हुई वारदात? पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और भाजपा नेता भरत_सिंह (लल्ला सिंह) अपने क्षत्रिय परिवार और साथियों के साथ फॉर्च्यूनर कार से विवाद को सुलझाने और बातचीत करने गए थे। लेकिन विरोधी गुट ने उन्हें एरेत माफिया की खौफनाक साजिश, फॉर्च्यूनर को घेरकर क्षत्रिय परिवार के लोगों को जिंदा जलाया! सुनियोजित जाल में फंसा लिया। हमलावरों ने उनके वाहन को आगे-पीछे से भारी हाईवा और टिपर ट्रकों से घेरकर रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके बाद कार पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया गया।किसका था हाथ और कौन हुए गिरफ्तार?
इस जघन्य हत्याकांड के पीछे स्थानीय #त्रिपाठी_परिवार (मनोज त्रिपाठी का गुट) का हाथ बताया जा रहा है। रेत घाटों पर कब्ज़े और रुपयों के लेन-देन को लेकर त्रिपाठी गुट की सिंह परिवार से लंबे समय से दुश्मनी चल रही थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपियों को नामजद करते हुए अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू (महेंद्र) त्रिपाठी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
गाड़ी में फँसने और जिंदा जलने के कारण भरत सिंह (लल्ला सिंह), नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मयंक सिंह सहित अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।इस बर्बरता और अमानवीय कृत्य के बाद पूरे क्षत्रिय समाज और राज्य में भारी आक्रोश है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की माँग तेज हो रही है।
प्रधान संपादक
तेन सिंह ठाकुर
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