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रचना ठाकुर की रिपोर्ट... : हरित दंतेवाड़ा की दिशा में बड़ा अभियान-एक दिन में बने 1 लाख सीड बॉल*

*हरित दंतेवाड़ा की दिशा में बड़ा अभियान-एक दिन में बने 1 लाख सीड बॉल*

दंतेवाड़ा, 17 जुलाई 2026। जिले में पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त नेतृत्व में एक दिवसीय सीड बॉल (बीज बम) निर्माण महा-अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान जिलेभर से आए ग्रामीणों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से एक ही दिन में 1 लाख से अधिक सीड बॉल तैयार कर नई मिसाल कायम की गई।

कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में अभियान की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी, जबकि कृषि विभाग ने इसकी तकनीकी जिम्मेदारी संभाली। विभाग द्वारा स्थानीय जलवायु के अनुरूप उपयुक्त मिट्टी, जैविक खाद और महुआ, इमली, हर्रा, बहेड़ा, जामुन, करंज, नीम, चार तथा खमार जैसी स्थानीय प्रजातियों के बीजों का चयन किया गया। ग्रामीणों और महिलाओं को पहले से प्रशिक्षण देकर गुणवत्तापूर्ण सीड बॉल तैयार करने की प्रक्रिया सिखाई गई। सीड बॉल तकनीक में मिट्टी, जैविक खाद और बीजों से छोटे-छोटे गोले तैयार किए जाते हैं, जिन्हें दुर्गम पहाड़ी एवं बंजर क्षेत्रों में फैलाया जाता है। बारिश के दौरान ये स्वतः अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं। इस तकनीक में गड्ढे खोदने, सिंचाई या ट्री-गार्ड की आवश्यकता नहीं होती, जिससे कम लागत में अधिक क्षेत्र में हरियाली विकसित की जा सकती है।

जिला प्रशासन द्वारा तैयार सीड बॉल्स को वन क्षेत्रों, पहाड़ियों और अनुपजाऊ भूमि में वन विभाग तथा स्थानीय समितियों के सहयोग से फैलाया जाएगा। इससे हरित आवरण बढ़ने के साथ मिट्टी संरक्षण, भूजल संवर्धन और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भविष्य में इन वृक्षों से मिलने वाले लघु वनोपज ग्रामीणों की आजीविका को भी मजबूती देंगे। अभियान में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विद्यार्थियों, किसानों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। एक ही दिन में 1 लाख सीड बॉल तैयार कर दंतेवाड़ा ने यह संदेश दिया है कि प्रशासनिक संकल्प, वैज्ञानिक तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से पर्यावरण संरक्षण के बड़े लक्ष्य भी सफलतापूर्वक हासिल किए जा सकते हैं। यह पहल आने वाले वर्षों में जिले की पहाड़ियों और वन क्षेत्रों को और अधिक हरा-भरा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

रचना ठाकुर

ब्यूरो चीफ दंतेवाड़ा

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