: दक्षिण बस्तर में मौसम का मिजाज़ बदला
Tue, Dec 3, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट दंतेवाड़ा
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में मौसम का मिज़ाज ठीक नहीं है। पिछले दो दिनों से बादल छाए हुए हैं। खराब मौसम को लेकर किसान चिंतित है, क्योंकि बारिश हुई तो साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। खुले में धान पड़े होने के कारण बारिश से नुकसान होने की आशंका है। धान के अलावा उड़द , कुल्थी आदि दलहनी फसलों को भी बर्बादी से बचाना मुमकिन नहीं होगा। उड़द का प्रसंस्करण काम जारी है। साफ मौसम के अभाव में उड़द की फल्ली नरम हो गई है और बीज नही झड़ रहे हैं। यही हाल रहा तो फफूंद लगने का खतरा है। खराब मौसम से कॄषि उत्पाद को बचाने कैप कव्हर और अन्य इंतजाम में किसान जुटे हैं। इस बीच खलिहान में भण्डार किए गए धान की मिंजाई के लिए किसान कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यही कारण है कि पेडी थ्रेशर की मांग इतनी बढ़ गई है कि किसान निर्धारित किराये से 20 प्र ज्यादा भुगतान करने के लिए मजबूर है। बारिश होने पर धान की क्वालिटी पर फर्क पड़ेगा और लेम्पस में रिजेक्ट हो जाएगा। इस तरह किसानों के आगे खराब मौसम से निपटने की बहुत बड़ी चुन्नौती उत्पन्न हो गई है।
मौसम की दगाबाजी से ना केवल किसान बल्कि धान खरीदी में जुटे सहकारी समिति भी परेशान है। उपार्जित धान को कैप कव्हर से ढकने के बाद भी अथिक बारिश की सूरत में धान खराब हो जाएगा। मिलर्स ऐसे धान के उठाव में आनाकानी करते हैं और फिर समितियों को घाटा उठाना पड़ता है। बारिश होने पर धान उपार्जन का काम भी प्रभावित होगा। किसान चाहते हैं कि खराब मौसम की परेशानी जल्द दूर हो और बारिश का खतरा टल जाए। दक्षिण बस्तर के सभी 15 केन्द्रों में खरीदी प्रारंभ हो गई है। 2 दिसम्बर की स्थिति में 965 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।मुचनार निवासी थलेश ठाकुर ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए किसान किसान जितनी जल्दी हो सके, धान की मिंजाई कर नुकसान से बचना चाहते हैं। यही कारण है कि धान मिंजाई के लिए पेडी थ्रेशर की मांग बढ़ गई है। प्रति घंटे किसान निर्धारित दर से 20 फीसदी तक अतिरिक्त भुगतान भी कर रहे हैं। मिंजाई कर धान को सुरक्षित रखा जा सकता है,, मगर खलिहान में पड़े धान को बारिश से बचाने में मुश्किल होगी। बारिश में भीगे धान ना तो लेम्पस में बिकेगी ना ही व्यापारी खरीदी करेंगे।विज्ञापन एवम सामाचार के लिए सम्पर्क करेंप्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547
: 25000 रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
Tue, Dec 3, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट नारायणपुर, 03 दिसम्बर 2024 // छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग रायपुर के आदेशानुसार अनुसार सड़क दुर्घटना में मृतक एवं घायलों के आश्रित परिवारजनों को आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान किया जाता है। 06 जुलाई 2024 को धर्मेद्र उसेण्डी, पिता सोमारू उसेण्डी निवासी ओरछा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई है। मृतक के निकटतम वारिस पत्नी श्रीमती सुशीला उसेण्डी हेतु 25000 रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। सड़क दुर्घटना में मृतक के परिवार तथा घायलों को वित्तीय सहायता 13 आर्थिक सहायता मद के तहत् वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत विकलनीय होगा। उक्त स्वीकृत आर्थिक सहायता अनुदान राशि विपत्तिग्रस्त व्यक्ति को बैंक ड्राफ्ट, चेक के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने तहसीलदार ओरछा को निर्देशित किया गया है।प्रधान संपादकतेन सिंह ठाकुर9424287547
: सुशीला उसेण्डी हेतु 2500 रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
Tue, Dec 3, 2024
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट नारायणपुर
03 दिसम्बर 2024 // छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग रायपुर के आदेशानुसार अनुसार सड़क दुर्घटना में मृतक एवं घायलों के आश्रित परिवारजनों को आर्थिक सहायता अनुदान के रूप में भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान किया जाता है। 06 जुलाई 2024 को धर्मेद्र उसेण्डी, पिता सोमारू उसेण्डी निवासी ओरछा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई है। मृतक के निकटतम वारिस पत्नी श्रीमती सुशीला उसेण्डी हेतु 25000 रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। सड़क दुर्घटना में मृतक के परिवार तथा घायलों को वित्तीय सहायता 13 आर्थिक सहायता मद के तहत् वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत विकलनीय होगा। उक्त स्वीकृत आर्थिक सहायता अनुदान राशि विपत्तिग्रस्त व्यक्ति को बैंक ड्राफ्ट, चेक के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने तहसीलदार ओरछा को निर्देशित किया गया है।