: चित्रकोट महोत्सव: आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
Thu, Feb 27, 2025
[video width="848" height="480" mp4="https://cgfastnews24.com/storage/2025/02/VID-20250227-WA0012.mp4"][/video]तेन सिंह ठाकुर
चित्रकोट महोत्सव: आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां खेलकूद स्पर्धा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर किया गया उत्साहवर्धन* जगदलपुर, 26 फरवरी 2025/ विश्व विख्यात चित्रकोट जलप्रपात के तट पर 24 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित दो दिवसीय चित्रकोट महोत्सव भव्यता और सांस्कृतिक विविधता का अनोखा संगम बनकर मंगलवार को संपन्न हुआ। इस महोत्सव में पारंपरिक लोक नृत्य, संगीत और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही युवाओं ने विभिन्न खेलकूद स्पर्धा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर परचम लहराया। इसके साथ ही आम लोग और पर्यटक पैरामोटर राईड एवं नोकायन कर रोमांच का अनुभव किए। चित्रकोट महोत्सव के समापन अवसर पर मंगलवार शाम को सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित आईजी बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी.,कलेक्टर श्री हरिस एस और एसपी श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारियों ने खेलकूद स्पर्धा और सांस्कृतिक कार्यक्रम के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।ज्ञातव्य है कि सोमवार को चित्रकोट महोत्सव का शुभारंभ बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी के छायाचित्र के समक्ष पारम्परिक ढंग से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ था। पहले दिन बस्तर के सुप्रसिद्ध लोक नर्तक दलों ने अपने मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने स्थानीय संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। इसके अलावा लोक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों से माहौल में उत्साह भर दिया। साथ ही प्रसिद्ध गायक अनुराग शर्मा ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति के जरिए दर्शकों को प्रफुल्लित कर दिया। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान युवाओं ने विभिन्न खेलकूद स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।समापन अवसर पर मंगलवार को युवाओं के बीच आधुनिक और पारंपरिक धुनों पर आधारित संगीत प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसके साथ ही लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के स्कूली छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति ने दर्शकों को मोहित कर दिया। लोकरंग कांकेर के कलाकारों तथा स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी। वहीं इंडियन आइडल फेम कलाकार सम्मुख प्रिया ने एक से बढ़कर एक गीतों के माध्यम से देर रात तक दर्शकों को आनन्दित कर दिया। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने बड़े उत्साह से इनका आनंद लिया। इस मौके पर सांसद श्री कश्यप और अन्य जनप्रतिनिधियों ने चित्रकोट महोत्सव को सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का माध्यम बताते हुए आयोजन समिति को बधाई दी। इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बीरेंद्र बहादुर ने चित्रकोट महोत्सव के सफल आयोजन में सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।विज्ञापन एवम समाचार के लिऐ संपर्क करेंप्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084
: बस्तर की जनजातीय कला-संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित कर वैश्विक पटल पर रखने होगा बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन
Thu, Feb 27, 2025
तेन सिंह ठाकुर
बस्तर की जनजातीय कला-संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित कर वैश्विक पटल पर रखने होगा बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन *मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को तैयारी करने दिए निर्देश* जगदलपुर, 25 फरवरी 2025/ राज्य शासन द्वारा बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने सहित स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों को अमिट पहचान और समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से मार्च 2025 में बस्तर पंडुम यथा बस्तर का उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस परिप्रेक्ष्य में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग श्री अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति श्री अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध*दंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6284046084
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Thu, Feb 27, 2025
तेन सिंह ठाकुर
बस्तर की जनजातीय कला-संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित कर वैश्विक पटल पर रखने होगा बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को तैयारी करने दिए निर्देश जगदलपुर, 25 फरवरी 2025/ राज्य शासन द्वारा बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने सहित स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों को अमिट पहचान और समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से मार्च 2025 में बस्तर पंडुम यथा बस्तर का उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस परिप्रेक्ष्य में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग श्री अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति श्री अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध*दंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084