: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ED का किया पुतला दहन।
Sat, Jul 19, 2025
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ED का किया पुतला दहन।
जिला मुख्यालय नारायणपुर मे आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ई डी का पुतला दहन कर जोरदार किया प्रदर्शन कियाEd की कार्यवाही के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल था ,चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर फूटा गुस्सा नाराज कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, जय स्तंभ चौक मे सड़क पर बैठकर जम कर की नारेबाजी,,पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई छीना झपटी। इस दौरान घंटो बाधित रहा जयस्तंभ चौक , मुख्य मार्ग होने से लोगों को हुई आने जाने मे परेशानी।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084
: माड़ बचाओ अभियान को बड़ी सफलता, झमा झम बारिश के बीच अभियान जारी।
Sat, Jul 19, 2025
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
माड़ बचाओ अभियान को बड़ी सफलता, झमा झम बारिश के बीच अभियान जारी।
सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच परिया-काकुर के घने जंगलों में हुई भीषण मुठभेड़ के बाद कुल 06 माओवादी शव बरामद किए गए हैं, जिनमें पीएलजीए प्लाटून क्रमांक-01 की 04 महिला कैडर भी शामिल हैं। पीएलजीए प्लाटून क्रमांक-01 के कमांडर और डिवीजनल कमेटी स्तर के माओवादी राहुल पुनेम की मुठभेड़ में मारे जाने को अभूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यह प्लाटून वरिष्ठ माओवादी नेताओं के सुरक्षित आवागमन हेतु प्रमुख रूप से उपयोग में लाया जाता था।
"माड़ बचाओ अभियान" के अंतर्गत ऑपरेशन मानसून के तहत परिया-काकुर ऑपरेशन नारायणपुर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस अभियान में कुल 06 माओवादी, जिन पर ₹48 लाख का कुल इनाम था, मारे गए।मानसून जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के बावजूद DRG, STF और BSF की संयुक्त टीमों ने अभूझमाड़ के कोर क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया।मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं, जिनमें एक AK-47 राइफल, एक SLR राइफल, एक 12 बोर राइफल और 11 BGL लॉन्चर शामिल हैं।परिया-काकुर ऑपरेशन में 06 माओवादियों की मौत के साथ ही 2025 में अब तक बस्तर क्षेत्र में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़कर 204 हो गई है।पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुरिया ने बताया कि अभूझमाड़ के परिया-काकुर जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की विश्वसनीय सूचना के आधार पर 17 जुलाई 2025 को संयुक्त अभियान शुरू किया गया। इसमें नारायणपुर, कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जिलों के DRG जवान, छत्तीसगढ़ STF और BSF की 129वीं, 133वीं व 135वीं बटालियन शामिल थीं।18 जुलाई 2025 की दोपहर से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। 19 जुलाई 2025 को बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पट्टलिंगम, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुरिया तथा BSF, STF और DRG के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर मारे गए माओवादियों की पहचान और बरामद हथियारों की जानकारी साझा की।मारे गए माओवादी कैडर की प्रारंभिक पहचान इस प्रकार है:1. राहुल पुनेम उर्फ लच्छू पुनेम (आयु 38 वर्ष)गांव: डल्ला, जिला सुकमापद: DVCM, कमांडर, PLGA प्लाटून क्रमांक-012. उंगी टाटी (आयु 24 वर्ष)गांव: सुरपनागुड़ा, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमापद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-013. मनीषा (आयु 25 वर्ष)गांव: वाला, थाना सोनपुर, जिला नारायणपुरपद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-014. टाटी मीना उर्फ सोमरी उर्फ छोटी (आयु 22 वर्ष)गांव: टोडका, थाना गंगालूर, जिला बीजापुरपद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-015. हरीश उर्फ कोसा (आयु 25 वर्ष)गांव: कमलापुरम, थाना पामेड़, जिला बीजापुरपद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-016. कुड़ाम बुधरी (आयु 21 वर्ष)गांव: मालसकट्टा, थाना धनोरा, जिला नारायणपुरपद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01इन सभी माओवादियों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹08 लाख का इनाम घोषित था। इस प्रकार कुल ₹48 लाख का इनाम इन 06 माओवादियों पर घोषित था।मुठभेड़ स्थल से बरामद हथियार व सामग्री:1. AK-47 राइफल – 01 नग2. SLR राइफल – 01 नग3. BGL लॉन्चर – 11 नग4. 12 बोर राइफल – 01 नग5. BGL सेल – 83 नग6. भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्रीपुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुरिया ने कहा:"बस्तर से नक्सलवाद को समाप्त करने के निर्णायक चरण में हम प्रवेश कर चुके हैं। जो लोग इसकी खोखली विचारधारा से भ्रमित हैं और विकास की राह में बाधा बन रहे हैं, उन्हें आत्मसमर्पण कर सम्मानपूर्वक जीवन अपनाना चाहिए। अन्यथा उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।"उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर रेंज श्री अमित तुकाराम कांबले तथा BSF नारायणपुर के उप महानिरीक्षक श्री पी.के. दुबे ने कहा कि सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव के चलते अभूझमाड़ में माओवादियों का आधार कमजोर हो चुका है और क्षेत्र अब समावेशी विकास की दिशा में बढ़ रहा है।पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा"पूरे बस्तर संभाग में प्रतिबंधित व अवैध माओवादी संगठन CPI (Maoist) के विरुद्ध एक सशक्त अभियान जारी है। वर्ष 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही 204 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। बस्तर पुलिस इस अभियान की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मानसून जैसी विषम परिस्थिति में भी यह सफलता सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है कि बस्तर में स्थायी शांति, प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।"प्रेस वार्ता के दौरान निम्नश्री नवाल सिंह (कमांडेंट, 135वीं बटालियन BSF), श्री एन.एस. कुटियाल (कमांडेंट, 133वीं बटालियन BSF), श्री आकाश शुक्ला (अपर पुलिस अधीक्षक STF), श्री अक्षय साबद्रा (अपर पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑप्स) उपस्थित रहे:साथ ही, उप पुलिस अधीक्षकगण - आशीष नेटाम, कुलदीप बंजारे, अमृता पैकरा, लोकेश बंसल,मनोज मंडावी, अरविंद किशोर खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, फील्ड कमांडर और जवान भी प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084
: युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सशक्त — शिक्षकों का कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया है
Fri, Jul 18, 2025
तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्टयुक्तियुक्तकरण से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सशक्त — शिक्षकों का कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया हैराष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश में हुआ स्कूल और शिक्षक युक्तियुक्तकरणशिक्षा की गुणवत्ता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नीति-आधारित दृष्टिकोण के साथ संपन्न की गई है। इस प्रक्रिया में शिक्षकों के किसी भी पद को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और संगठित किया गया है।राज्य में युक्तियुक्तकरण से पहले की स्थिति अत्यंत असंतुलित थी। प्रदेश में शून्य दर्ज संख्या वाली 211 शालाएं संचालित थीं, जिनमें कुछ में शिक्षक पदस्थ भी थे। इसके अतिरिक्त, 453 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल तथा हायर सेकेण्डरी शालाएं शिक्षक विहीन थीं। साथ ही, 5936 शालाएं एकल शिक्षकीय थीं, जिनमें सभी स्तर की शालाएं सम्मिलित थीं। यह स्थिति निःसंदेह शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही थी।वहीं दूसरी ओर, कुछ प्राथमिक शालाओं में अनुचित शिक्षक-संख्या की अधिकता देखी गई — 8 प्राथमिक शालाओं में 15 से अधिक शिक्षक, 61 में 10 से 14 शिक्षक, तथा 749 प्राथमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत थे। पूर्व माध्यमिक स्तर पर भी यही असंतुलन था — 9 शालाओं में 15 या उससे अधिक, 90 में 10 से 14, तथा 1641 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत पाए गए।प्रदेश में कई स्थानों पर एक ही परिसर में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी शालाएं अलग-अलग प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित थीं, जिससे प्रबंधन में भी जटिलताएँ उत्पन्न हो रही थीं। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं, 01 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित दूसरी शालाओं के समानांतर संचालित थीं। शहरी क्षेत्रों में यह स्थिति और भी अधिक घनत्व वाली थी — 500 मीटर से कम दूरी पर 30 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं संचालित थीं। इस असमानता को समाप्त करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के उद्देश्यों को धरातल पर लागू करने के लिए युक्तियुक्तकरण आवश्यक था।प्रथम चरण — विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण।इस प्रक्रिया के पहले चरण में, शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों और निर्देशों के आधार पर विकासखंड स्तर पर युक्तियुक्तकरण योग्य विद्यालयों का चयन किया गया, जिसे जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा उपरांत शासन को भेजा गया। इसके आधार पर कुल 10538 विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिसमें 10372 एक ही परिसर में संचालित विद्यालय, 133 ग्रामीण क्षेत्र की 01 कि.मी. से कम दूरी की शालाएं, तथा 33 शहरी क्षेत्र की 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाएं सम्मिलित हैं।द्वितीय चरण — शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण हेतु अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन एवं गणना प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई।इन शिक्षकों को काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय तथा विषयवार आवश्यकता वाली शालाओं में समायोजित किया गया।युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कुल 15165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया जिससे पूर्व में 453 शिक्षक विहीन शालाएं अब पूर्णतः शिक्षक युक्त हो गई हैं।5936 एकल शिक्षकीय शालाओं में से अब केवल 1207 प्राथमिक शालाएं शिक्षक अनुपलब्धता के कारण शेष हैं।।इस प्रक्रिया में कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि प्रत्येक विद्यालय के लिए आवश्यक शिक्षक संख्या का निर्धारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार दर्ज संख्या के अनुपात में किया गया है।भविष्य में यदि किसी विद्यालय की दर्ज संख्या में वृद्धि होती है, तो वहां शिक्षकों की व्यवस्था स्वीकृत पदों के अनुसार की जाएगी।प्रधान सम्पादकतेन सिंह ठाकुर6264046084