Mon 03 Aug 2026

ब्रेकिंग

कन्या आश्रम शाला बिंजली जिला नारायणपुर में बच्चों को विधिक जानकारी दी गई

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के द्वारा सखी वन स्टाॅप सेंटर कोण्डागांव का किया गया निरीक्षण*

लीगल एड डिफेंस कौंसिलों का निगरानी व सलाह समिति का मासिक बैठक हुआ संपन्न

सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत प्रतियोगिता सम्पन्न

भारी बारिश बना लोगों के लिए आफत। कुढ़हार गांव के छिनारी पारा और स्कूलपारा के बीच का पुलिया बहा।आवागमन प्रभावित।

: अबुझ माड़ महोत्सव पीस हाफ मैराथन 2025का सफल आयोजन

  ­तेन सिंह ठाकुर नारायणपुर, 2 मार्च 2025 // छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में, जिसे की अबूझमाड़ क्षेत्र भी कहा जाता है, नारायणपुर जिला प्रशासन और जिला पुलिस के द्वारा अबूझमाड़ महोत्सव का आयोजन किया गया है | 28 फ़रवरी से 2 मार्च तक आयोजित इस महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन आज 2 मार्च को आयोजित अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025 था| अबूझमाड़ महोत्सव और इसके अंतर्गत अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का मुख्य उद्देश्य शान्ति का सन्देश देना है विश्व पटल पर अबूझमाड़ क्षेत्र की एक नयी पहचान बनाना है| यह आयोजन अबूझमाड़ के बारे में निम्नलिखित धारणाओं को धराशायी करता है | बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र नक्सलवाद से बुरी तरह से ग्रसित है, अबूझमाड़ नक्सलियों का गढ़ है, नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है और अबूझमाड़ क्षेत्र में पर्यटन और घूमना असुरक्षित ही नहीं असंभव है| इन सभी धारणाओं को धराशायी करते हुए अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में बारह हज़ार से ज्यादा लोगो ने ऑनलाइन रजिस्टर किया, 21 km, 10 KM और 5 KM को मिलकर कुल आठ हज़ार धावकों ने भाग लिया| 50 से ज्यादा विदेशी धावक इस मैराथन में भाग लिए| ये सभी आंकड़े जिस मैराथन के बारे में है उसका आयोजन, अबूझमाड़ के गढ़, माड़ के पहाड़ों, नदियों के बिच स्थित बासिंग सोनपुर क्षेत्र में हुआ | धावकों के अलावा लगभग 5000 लोग धावकों को प्रोत्साहित करने के लिए जमा हुए थे | ये आंकड़े अबूझमाड़ और नारायणपुर के बारे में ऊपर वर्णन किये हुए सभी कुधारणाओं को सिरे से गलत साबित करता है   अबूझमाड़ महोत्सव और ख़ास करके अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन शांति, एकता, प्राकृतिक सौंदर्यता, विकास का सन्देश देता है| यह आयोजन इस बात को भी चिन्हांकित करता है की कैसे अबूझमाड़ के सरल और शांतिप्रिय आदिवासियों ने हिंसा, कटुता, विदेशी विचारधारा को नाकारा है और शांति और विकास का पथ चुना है|       28 फ़रवरी की दायरा बैंड “ जादू बस्तर” के कॉन्सर्ट से इस महोत्सव का आगाज़ हुआ जिसे देखने और बस्तर की संगीत को सुनने 8000 लोग आये| 1 मार्च की संध्या को माननीय संसद बस्तर श्री महेश कश्यप, माननीय श्री अनुज शर्मा के उपस्थिति में माननीय मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री केदार कश्यप जी ने उद्घाटन किया| इस उद्घाटन समारोह में अबूझमाड़ मलखम्ब ग्रुप ने परफॉरमेंस किया| अबूझमाड़ मलखम्ब ग्रुप ने भारत ही नहीं पूरे विश्व में अपनी पर्फॉर्मन्सेस दी है और कई खिताब जीते है एवं विश्व मलखम्ब प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है| बस्तर की धरा पर पहली बार एक ग्रैंड ड्रोन शो का आयोजन किया गया| इस ड्रोन शो के माध्यम से शान्ति का सन्देश दिया गया एवं मैराथन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया |   1 मार्च की रात को ही छत्तीसगढ़िया सिनेमा के प्रसिद्ध एक्टर और गायक माननीय विधाक अनुज शर्मा जी के समूह ने समां बाँध देने वाला एक म्यूजिकल शो किया| अंततः 2 मार्च की सुबह 4 बजे से लगभग 8000 धावक जमा होने लगे और तीन अलग अलग करेगोरी में 21KM अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन , 10 और 5 KM दौड़ में भाग लिया| मारथिन के अंतिम पड़ाव पर क्लोजिंग सेरेमनी में विजेता धावकों को पुरस्कृत किया गया|     अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में भाग लेने के लिए नारायणपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़ और देश के साथ विदेशों से कुल 12000 लोगो ने रजिस्ट्रेशन किया था| इसमें से 8000 धावकों ने तीन केटेगरी में दौड़ में भाग लिया | 4000 से ज्यादा धावकों ने 21 KM की हाफ मैराथन में भाग लिया और 1800 ने इस दौड़ को पूरा किया | कुल 50 से ज्यादा विदेशी धवकों ने इस आयोजन में मैराथन में भाग लिया|     उत्तर प्रदेश के धावक ने ओपन केटेगरी हाफ मैराथन दौड़ में विदेशियों की हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया| पहली बार इस मैराथन में टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया गया| RFID टेक्नोलॉजी से चलित बिब सभी धावकों को दिया गया था| नियर फील्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके समय का सबसे साटिन निर्धारण और विजेताओं का सटीक चयन किया गया   आत्मसमर्पित नक्सलियों का मैराथन में भाग लेना और इसके मायने   अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025 का विशेष आकर्षण 10 आत्मसमर्पित नक्सलियों का इस आयोजन में भाग लेना है | अतीत में नक्सलवाद और हिंसा के प्रायोजक नक्सली जिन्होंने हिंसा और विदेशी विचारधारा को त्यागा, मुख्य धरा में जुड़े, विकास और शान्ति का रास्ता चुना उन सभी प्रतिभागियों ने एक विशेष सन्देश अबूझमाड़ में हो रहे विकास और बदलाव का सन्देश दिया है एवं वर्तमान में उन सभी आदिवासी भाई बहनों से आत्मसमर्पण कर मुख्या धरा में जुड़ने का अपील किया है जो अभी भी दिक्भ्रमित होकर और विदेशी विचारधारा के झांसे में आकर हिंसा, शोषण के रास्ते पर चल रहे है प्रधान सम्पादक तेन सिंह ठाकुर
  1. 6264046084

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन