: विषय बाध्यता की शर्तें से शिक्षक नाराज़
Ten Singh Thakur
Wed, Apr 9, 2025
तेन सिंह ठाकुर
विषय बाध्यता की शर्तें से शिक्षक नाराज
दो साल पूर्व राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता की समाप्ति के निर्णय को वापस लेने पर सहायक शिक्षकों में नाराजगी है। इस फैसले से वरिष्ठता का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। वहीं वेतन विसंगति की समस्या का समाधान भी नहीं होगा।
बस्तर संभाग में आने वाले सात जिले बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, बस्तर, नारायणपुर, सुकमा और कोण्डागांव में रिक्त शिक्षक एल बी के पद को भरने पदोन्नति की प्रक्रिया जारी है। 17 मार्च 2025 को संयुक्त संचालक बस्तर संभाग जगदलपुर की ओर से सहायक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई है। जेडी के आदेश क्रमांक 696 के तहत केवल संस्कृत विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का शिक्षक एल बी टी संवर्ग में पदोन्नति का उल्लेख है। इस बात को लेकर संभाग के सहायक शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर की है। सहायक शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2023 में विषय बाध्यता को समाप्त करने का नियम राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा है। सहायक शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर करते कहा है कि सभी विषय में एक साथ पदोन्नति क्यों नहीं की जा रही है? जेडी कार्यालय की ओर से संस्कृत विषय में पदोन्नति के नाम पर 3500 से अधिक सहायक शिक्षकों की सीआर मंगाई गईं है। उक्त सभी शिक्षकों को संस्कृत विषय में ही पदोन्नति दी जाएगी या अन्य विषय में, यह भी स्पष्ट नहीं है। संभाग के सहायक शिक्षकों ने मांग की है कि राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता को समाप्त करने के निर्णय का पालन हो और वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाए। विषय बाध्यता के कारण फरवरी 2022 में वरिष्ठ सहायक शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो गए।
20 साल से एक ही पद पर कार्यरत
वर्ष 2005 से 2008 बैच के कई सहायक शिक्षक ऐसे है जो बीस साल से एक ही पद पर कार्यरत हैं। पदोन्नति पाने वाले 2010 - 2012 बैच के शिक्षकों का वेतन 2005 बैच के वरिष्ठ सहायक शिक्षकों से अधिक है। बगैर प्रमोशन के 20 साल तक सेवा देने वाले को योग्यता के बावजूद क्रमोन्नत वेतन भी नहीं मिल रहा है। बीजापुर जिले के सहायक शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिलने से ज्यादा नुकसान हो रहा है। अन्य जिले में 2012 बैच तक शिक्षक एल बी में पदोन्नत हो चुके हैं या फिर प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक बन गए हैं।
विषय बाध्यता की शर्त गलत
सहायक शिक्षकों ने कहा है कि विषय बाध्यता की समाप्ति के निर्णय को बदलना अनुचित है। दो साल पहले राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता को समाप्त करने के नियम का पालन हो। ताकि सबको पदोन्नति का अवसर मिले। शिक्षक थलेश ठाकुर ने कहा है कि 18-20 साल से बीजापुर जिले के सहायक शिक्षक एक ही पद पर कार्यरत हैं। ऐसे वरिष्ठ प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को, किसी भी विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर की अहर्ता रखते हों पदोन्नति मिलना चाहिए। बीएड प्रशिक्षित को भी प्राथमिकता मिले। ताकि मीडिल और हाईस्कूल में पढ़ाने वाले बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी दूर हो सके।
प्रधान सम्पादक
तेन सिंह ठाकुर
6264046084
विषय बाध्यता की शर्तें से शिक्षक नाराज
दो साल पूर्व राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता की समाप्ति के निर्णय को वापस लेने पर सहायक शिक्षकों में नाराजगी है। इस फैसले से वरिष्ठता का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। वहीं वेतन विसंगति की समस्या का समाधान भी नहीं होगा।
बस्तर संभाग में आने वाले सात जिले बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, बस्तर, नारायणपुर, सुकमा और कोण्डागांव में रिक्त शिक्षक एल बी के पद को भरने पदोन्नति की प्रक्रिया जारी है। 17 मार्च 2025 को संयुक्त संचालक बस्तर संभाग जगदलपुर की ओर से सहायक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई है। जेडी के आदेश क्रमांक 696 के तहत केवल संस्कृत विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों का शिक्षक एल बी टी संवर्ग में पदोन्नति का उल्लेख है। इस बात को लेकर संभाग के सहायक शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर की है। सहायक शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2023 में विषय बाध्यता को समाप्त करने का नियम राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा है। सहायक शिक्षकों ने नाराजगी जाहिर करते कहा है कि सभी विषय में एक साथ पदोन्नति क्यों नहीं की जा रही है? जेडी कार्यालय की ओर से संस्कृत विषय में पदोन्नति के नाम पर 3500 से अधिक सहायक शिक्षकों की सीआर मंगाई गईं है। उक्त सभी शिक्षकों को संस्कृत विषय में ही पदोन्नति दी जाएगी या अन्य विषय में, यह भी स्पष्ट नहीं है। संभाग के सहायक शिक्षकों ने मांग की है कि राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता को समाप्त करने के निर्णय का पालन हो और वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाए। विषय बाध्यता के कारण फरवरी 2022 में वरिष्ठ सहायक शिक्षक पदोन्नति से वंचित हो गए।
20 साल से एक ही पद पर कार्यरत
वर्ष 2005 से 2008 बैच के कई सहायक शिक्षक ऐसे है जो बीस साल से एक ही पद पर कार्यरत हैं। पदोन्नति पाने वाले 2010 - 2012 बैच के शिक्षकों का वेतन 2005 बैच के वरिष्ठ सहायक शिक्षकों से अधिक है। बगैर प्रमोशन के 20 साल तक सेवा देने वाले को योग्यता के बावजूद क्रमोन्नत वेतन भी नहीं मिल रहा है। बीजापुर जिले के सहायक शिक्षकों को प्रमोशन नहीं मिलने से ज्यादा नुकसान हो रहा है। अन्य जिले में 2012 बैच तक शिक्षक एल बी में पदोन्नत हो चुके हैं या फिर प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक बन गए हैं।
विषय बाध्यता की शर्त गलत
सहायक शिक्षकों ने कहा है कि विषय बाध्यता की समाप्ति के निर्णय को बदलना अनुचित है। दो साल पहले राजपत्र में प्रकाशित विषय बाध्यता को समाप्त करने के नियम का पालन हो। ताकि सबको पदोन्नति का अवसर मिले। शिक्षक थलेश ठाकुर ने कहा है कि 18-20 साल से बीजापुर जिले के सहायक शिक्षक एक ही पद पर कार्यरत हैं। ऐसे वरिष्ठ प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को, किसी भी विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर की अहर्ता रखते हों पदोन्नति मिलना चाहिए। बीएड प्रशिक्षित को भी प्राथमिकता मिले। ताकि मीडिल और हाईस्कूल में पढ़ाने वाले बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी दूर हो सके।
प्रधान सम्पादक
तेन सिंह ठाकुर
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